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कीमो थेरेपी वरदान या अभिशाप

कीमोथेरेपी कैंसर के उपचार में उपयोग में ली जाने वाली आधुनिक चिकित्सापद्दति है, इसमें मुख्य रूप से Anticancer दवाइयों का उपयोग किया जाता है। जिससे कैंसर कोशिकाओं के विभाजन और विकास को रोका जा सके, ऐसा करने के लिए विभाजित होने वाली कोशिकाओं को कीमोथेरेपी से खत्म किया जाता है। कीमोथेरेपी की प्रभावशीलता मुख्य रूप से कैंसर की स्टेज पर निर्भर करती है. कीमोथेरेपी अकेले या सर्जरी और रेडियोथेरपी के साथ दी जा सकती है।

कीमोथेरेपी क्या काम करती है ?

कोशिकाओं के विभाजन को रोकती है।* कोशिकाओ के भोजन, एंजाइम और हार्मोन को निशाना बनाती है। कैंसर कोशिकाओ में APOPTOSIS करवाती है जिससे कैंसर कोशिकाओं में SUICIDE होता कोशिकाओ में नई रक्तवाहिनियों के निर्माण को रोकती है जिससे कोशिकाओ को पोषण नही मिल पाता है और व समाप्त होना शुरू हो जाती है।

कीमोथेरेपी कैसे दी जाती है :

Orally – इसमें दवा मुह के द्वारा दी जाती है। Intravenous- इसमें दवा नस में सुई के द्वारा या ड्रिप से दी जाती Pump – कई बार कीमोथेरेपी एक विशेष प्रकार के पंप की सहायता से भी दी जाती है।

कीमोथेरेपी का व्यापक असर – Chemotherapy Effect :

कोशिकाओं को नष्ट करना।* कैंसर को दोबारा होने से रोकने के लिए सभी कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करना. फिर भी ये कैंसर कोशिकाए काफी छोटी जगह में भी होती है, जिनका पता लगाना मुश्किल होता है, और ये रह जाती है और दोबारा अपना असर दिखा सकती है। कैंसर के प्रभाव को कम करना जिससे सर्जरी या रेडियो थेरपी को प्रभावी बनाया जा सके।

कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट्स :

उल्टी उबाक होना ये कीमोथेरेपी का मुख्य साइड इफ़ेक्ट है, जिसमे रोगी को उल्टी होती रहती है ये लगभग 70% लोगो में ये साइड इफ़ेक्ट पाया जाता है, इसको रोकने के लिए Anti-emetics दवाइयां दी जाती है इन दवाओ के साथ अदरक का उपयोग करने से इनका प्रभाव बढ़ जाता है, और उलटी उबाक रुक सकता है।

Alopecia बाल उड़ जान :

Chemotherapy side effect में शरीर के किसी भी भाग से बाल झड़ना या बाल उड़ना शरू हो जाता है, लेकिन जब ईलाज पूरा हो जाता है तो सामान्यता बाल वापस आ जाते है, इसमें रोगी की त्वचा काफी सेंसिटिव और रुखी भी हो जाती है नाख़ून भी कमजोर जो जाते है।

थकावट :

कीमोथेरेपी ले रहा रोगी जल्दी थक जाता है, इसलिए उसको शारीरक श्रम से बचना चाहिए. अधिक से अधिक आराम ही करना चाहिए, क्योकि कीमो थेरेपी लेते समय रोगी में RBC कम हो जाती है जिससे रक्त की कमी आ जाती है। इसके लिए रोगी को भरपूर हरी सब्जी, गाजर, चुकंदर, मुनक्के, खजूर इत्यादि खिलाते रहे.

लाल रक्त कोशिकों (RBC) की कमी :

कीमोथेरेपी से रक्त में लाल रक्त कोशिकों (RBC) की कमी आ जाती है जिससे एनीमिया नामक बीमारी हो जाती है रोगी को कमजोरी और चक्कर आने लगते है। इसके लिए रोगी को भरपूर हरी सब्जी, गाजर, चुकंदर, मुनक्के, खजूर इत्यादि खिलाते रहे. बहरापन कीमोथेरेपी से रोगी में सुनाई देने की समस्या हो जाती है। उसे कम सुनना शुरू हो जाता है, कई बार तो रोगी को हमेशा के लिए सुन नही पाता अर्थात बहरा हो सकता है। WBC की संख्या में कमी आना और रोगप्रतिरोधक क्षमता में कमी Chemotherapy side effect में रोगी की रोगप्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है क्योकि उसके शरीर में WBC कम हो जाती है जिससे रोगी को कोई भी इन्फेक्शन आसानी से हो जाता है और बिमारियों की चपेट में जल्दी आ जाता है। इस से बचने के लिए रोगी को गिलोय, तुलसी निरंतर देते रहें.

प्लेटलेट्स की संख्या में कमी :

कीमोथेरेपी से रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है, जिससे शरीर में रक्तस्त्राव की समस्या हो सकती है क्योकि प्लेटलेट्स रक्त का थका ज़माने में बहुत उपयोगी है। इसके लिए आप पपीते के पत्तों का रस, गिलोय, नारियल पानी दीजिये.

Mucositis :

इसमें मुह से लेकर पुरे पाचन तन्त्र की आंतरिक भिती (Mucous Membrane) में सुजन आ जाती है जिसके कारण मुह और जीभ पर छालें हो जाते है।

भूख न लगना :

रोगी का मेटाबोलिज्म प्रभावित हो जाता है जिससे उसको भूख नही लगती रोगी का वजन कम हो जाता है।

Infertility :

कुछ कीमोथेरेपी की दवाइयों से बांझपन की समस्या भी हो सकती है।

Teratogenicity :

कीमोथेरेपी गर्भवती महिलाओं के लिए काफी हानिकारक होती है इससे गर्भ में पलने वाले बच्चे हो नुकसान होता है यहाँ तक की गर्भपात भी हो सकता है।

शरीर के मुख्य अंगो को नुकसान :

कीमोथेरेपी से शरीर के मुख्य अंगो जैसे हृदय, लीवर, किडनी को भी काफी नुकसान होता है, जिसका व्यापक असर आगे जाकर रोगी को पता चलता है।

Peripheral Neuropathy :

इसमें रोगी की तंत्रिकाओं पर प्रभाव पड़ता है, इससे दिमाग को जाने वाली सूचना या दिमाग से जो आर्डर मिलता है वो बहुत प्रभावित होता है. अर्थात कई बार रोगी ये निर्णय नहीं ले पाता के उसके शरीर को अभी जो महसूस हो रहा है वो उस पर कैसे प्रतिक्रिया दे. कीमोथेरेपी का पूरा ईलाज लेने के बाद भी कई बार दोबारा कैंसर होने का खतरा भी बना रहता है जिसको Secondary Neoplasm कहा जाता है। कीमोथेरेपी एक प्रकार का आक्रामक ईलाज है जिसके बहुत ही भयानक दुष्प्रभाव होते है, जिसका मुख्य कारण ये है की कीमोथेरेपी में उपयोग की जाने वाली anticancer दवाइयां कैंसर कोशिकाओं के साथ साथ सामान्य कोशिकाओं को भी अपना निशाना बनाती है। ये ज़रूरी नहीं है के ये किन्ही विशेष कोशिकाओं पर काम करेगी, ये शरीर के स्वस्थ कोशिकाओं को भी डैमेज करती है, वो सेल शरीर के किसी भी हिस्से के हो सकते हैं. ये हार्ट, लीवर, किडनी, पाचन तंत्र इत्यादि किसी के भी हो सकते हैं. हम अपने पाठकों को ये सलाह देंगे के कीमोथेरेपी से पहले एक बार उपरोक्त बताई गयी बातों पर अच्छे से अध्ययन कर लें. और अपने Physician से इन प्रभावों पर व्यापक चर्चा कर ले. Only Ayurved