Swasthaya Rakshak



अपने बीपी को ठीक कैसे रखें

व्यक्ति का ब्लड प्रेशर दिनभर बदलता रहता है, कोई एक ऐसा आंकड़ा नहीं है जिसे परफेक्ट कहा जाए, जो किसी एक व्यक्ति के लिए कम होगा वह दूसरे के लिए सामान्य हो सकता है, लेकिन रक्त दाब का अत्यंत कम या अधिक होना दोनों ही घातक होते हैं. हृदय जितना ज्यादा रक्त पंप करेगा और धमनियां जितनी संकरी होंगी, ब्लड प्रेशर उतना ही ज्यादा होगा. रक्तदाब कम होने से ऑक्सीजन और पोषक तत्व के उतकों तक नहीं पहुंचने में परेशानी होती है. वैसे उम्र के साथ ब्लड प्रेशर का बढना एक सामान्य समस्या है. लेकिन एक स्वस्थ्य जीवनशैली अपनाकर इसे नियंत्रण में रखकर इससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है.

हाई ब्लडप्रेशर :

हाइपर टेंशन या हाई ब्ल्ड प्रेशर में धमनियों में रक्तदाब बढ़ जाता है. जिससे हृदय को रक्त नलिकाओं में रक्त के संचरण के लिए सामान्य से अधिक परिश्रम करना पड़ता है. हाइपर टेंशन हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, किडनी और हृदय रोगों का खतरा बढ़ा देता है. ब्लड प्रेशर में थोड़ी सी भी बढ़ोतरी जीवनकाल को कम कर देती है. हाइपरटेंशन का पता अक्सर देर से चलता है, यही कारण है कि डॉक्टर उसे साइलेंट किलर कहते हैं. घरेलू उपाय उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने वाली चीजें आपके किचन में ही उपलब्ध हैं. घरेलु उपायों से रक्तचाप को नियंत्रित करना ना केवल सस्ता और आसान होता है, बल्कि इनसे किसी प्रकार के साइड इफेक्ट्स होने की आशंका भी नहीं होती है.

नींबू :

सुबह खाली पेट एक गिलास कुनकुने पानी में आधा नींबू निचोडकर पिएं या दोपहर के खाने के बाद एक गिलास नींबू पानी पी लें. नींबू रक्त नलिकाओं को मुलायम रखता है.

लहसुन :

कच्चे लहसुन को सलाद के साथ या सब्जी के साथ खाएं. लहसुन नाइट्रिक ऑक्साइड और हाइड्रोजन सल्फाइड के निर्माण को स्टीम्यूलेट करके रक्त नलिकाओं को रिलैक्स रखता है.

केले :

केला पोटेशियम का अच्छा स्त्रोत है, जो सोडियम के प्रभाव को कम करता है, इस प्रकार से रक्त दाब को नियंत्रित करने में सहायता करता है. प्रतिदिन एक या दो केले खाएं.

नारियल पानी :

नारियल पानी पोटेशियम, मैग्नीशियम और विटामिन सी का अच्छा स्त्रोत है जो सिस्टोलिक दाब को कम करने में सहायता करते हैं. दिन में एक नारियल पानी जरूर पिएं. अगर इसे सुबह खाली पेट पी सकें तो अधिक बेहतर होगा.

लो ब्लड प्रेशर :

लो ब्लड प्रेशर (90ध्60) को चिकित्सकीय भाषा में हाइपटेंशन कहते हैं. वैसे लो ब्लड प्रेशर अपने आपमें कोई बीमारी नहीं है, लेकिन यह शरीर में पल रही किसी गंभीर बीमारी जैसे हृदय रोग, तंत्रिका तंत्र की गड़बड़ी का संकेत हो सकता है. गंभीर लो ब्लड प्रेशर ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को मस्तिष्क तक पहुंचने से रोकता इसलिए इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए.

घरेलु उपाय

एक कप शकरकंद का जूस दिन में दो बार पिएं. यह लो ब्लड प्रेशर का सबसे अच्छा घरेलु उपचार है. मिट्टी के बर्तन में 32 किशमिश को डालें, बर्तन को पानी से पूरा भर दें. सुबह कोरे पेट उन्हें एक-एक कर चबाएं उसके बाद पानी भी पी लें. तुलसी की 10-15 पत्तियों को पीसकर उनका रस निकाल लें और उसे एक चम्मच शहद के साथ कोरे पेट खा लें. एक कप स्ट्रांग ब्लैक कॉफी पिएं. सात बादाम को रातभर भिगोएं. उसका छिलका उतारकर पीस लें और दूध में थोड़ी देर उबाल लें. इसे गुनगुने रूप में पी लें. जीवनशैली में परिवर्तन लाकर रक्तदाब को करें नियंत्रित शारीरिक रूप से सक्रिय रहें जो लोग निष्क्रिय होते हैं उनकी दिल की धडकने ज्यादा तेज होती हैं. जितनी ज्यादा आपकी दिल की धडकनें तेज होंगी, तो हर संकुचन के साथ आपके हृदय को अधिक काम करना पड़ेगा और आपकी धमनियों पर उतना दबाव पड़ेगा, जिससे रक्तदाब बढ़ जाएगा. इसलिए शारीरिक रूप से सक्रिय रहें, सप्ताह में कम से कम 5 दिन आधा घंटा वर्क आउट जरूर करें. मिनी मील खाएं दिन में तीन बार मेगा मील खाने की बजाय 5-6 बार मिनी मील खाएं. थोड़ी मात्रा में अधिक बार खाने से रक्त दाब कम नहीं होता, उसे नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है. पर्याप्त मात्रा में नमक का सेवन करें नमक का सेवन पर्याप्त मात्रा में करें. अधिक मात्रा में नमक का सेवन करने से रक्त का दाब बढ़ जाता है और कम मात्रा में करने से रक्त दाब कम हो जाता है. अगर आपका रक्तदाब कम होने लगे तो एक गिलास पानी में एक चुटकी नमक डालकर पीने से रक्तदाब में बढ़ोतरी हो जाएगी. पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें रक्तदाब को हेल्दी रेंज में रखने के लिए 8-10 गिलास पानी का सेवन करें. डिहाइड्रेशन के कारण निम्न रक्तदाब की समस्या हो जाती है. कैफीन कैफीन युक्त पेय पदार्थ जैसे कॉफी भी निम्न रक्तदाब में बहुत लाभकारी है. यह रक्तदाब को तेजी से बढ़ा देती है. लेकिन उच्च रक्तदाब से पीडि़त लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए. धुम्रपान से बचें तंबाकू का सेवन न केवल अस्थायी रूप से ब्लड प्रेशर को बढ़ा देता है, बल्कि तंबाकू में मौजूद रसायन धमनियों की अंदरूनी पर्त को भी नष्ट कर देते हैं.